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भास्कर अपडेट्स: वजन घटाने वाली दवाओं की बिक्री पर सरकार सख्त, बिना प्रिस्क्रिप्शन के नहीं बिकेंगी

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भास्कर अपडेट्स:  वजन घटाने वाली दवाओं की बिक्री पर सरकार सख्त, बिना प्रिस्क्रिप्शन के नहीं बिकेंगी


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नई दिल्ली23 मिनट पहले

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केंद्र सरकार ने जीएलपी-1 आधारित वजन घटाने वाली दवाओं की अवैध बिक्री और विज्ञापन पर सख्ती बढ़ा दी है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने इन दवाओं की निगरानी तेज कर दी है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने व कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

सरकार के अनुसार, ये दवाएं चिकित्सीय परामर्श वाली दवा (प्रिस्क्रिप्शन मेडिसिन) हैं, जिनका उपयोग टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे के लिए होता है। इनके गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, इसलिए इन्हें केवल विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और क्लीनिकों पर इनकी बढ़ती ‘ऑन-डिमांड’ उपलब्धता को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।

आज की बाकी बड़ी खबरें…

7 साल बाद दहेज का केस, कोर्ट ने रद्द की एफआईआर

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवादों में बिना ठोस वजह के एफआईआर दर्ज करने में देरी केस के लिए घातक हो सकती है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में ससुराल पक्ष के खिलाफ 498ए समेत केस रद्द कर दिया, जिसमें 7 साल की देरी से शिकायत की गई थी। अदालत ने कहा कि कानून उन्हीं की मदद करता है जो अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहते हैं। बिना ठोस सबूत और सामान्य आरोपों के आधार पर वर्षों बाद की गई कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इनकार के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को भी पलट दिया।

जीएसटी कलेक्शन 8.8% बढ़कर 2 लाख करोड़ पार

मार्च में ​कुल जीएसटी कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया, जो मार्च 2025 के 1.83 लाख करोड़ रुपए से 8.8% अधिक है। बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) में कुल जीएसटी संग्रह 22.27 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 20.55 लाख करोड़ रुपए से 8.3% ज्यादा है।

दिल्ली में 1.4 लाख चीनी सीसीटीवी कैमरे हटेंगे, सुरक्षा कारणों से नई तकनीक से होंगे रिप्लेस

राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बुधवार को बताया कि शहर में लगाए गए करीब 1.4 लाख चीनी सीसीटीवी कैमरों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। सरकार का कहना है कि सभी पुराने कैमरों को विश्वसनीय और सुरक्षित सिस्टम से बदला जाएगा।

दिल्ली में फिलहाल पीडब्ल्यूडी के तहत करीब 2.74 लाख सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनमें से 50 हजार कैमरों को पहले चरण में बदलने की मंजूरी मिल चुकी है। मंत्री ने पूर्व सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना सुरक्षा पहलुओं पर विचार किए चीनी कैमरे लगाए गए थे, जबकि ऐसे फैसले राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होते हैं



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